*बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां -*
*1. चम्बल -* प्राचीन नाम चर्मण्वती, उद्गम (एम.पी.) के मानपुर के समीप जनापाऊ पहाड़ी से। राजस्थान में प्रवेश चौरासीगढ़ (चित्तौड़गढ़) के निकट प्रवेश कर कोटा-बूंदी की सीमा बनाती हुई सवाई माधोपुर, करौली तथा धौलपुर जिले में होते हुए अन्त में यमुना नदी में मिल जाती है। चम्बल नदी पर गांधी सागर, जवाहर सागर, राणाप्रताप सागर तथा कोटा बाँध है।
*सहायक नदियाँ-* बनास, कालीसिंध, पार्वती। राजस्थान में चम्बल की लम्बाई 165 किमी व कुल लम्बाई 966 किमी. है।
*2. बनास-* अरावली की खमनौर पहाड़ियों से उद्गम जो कुम्भलगढ़ से 5 किमी दूरी पर स्थित है।
यह कुम्भलगढ़ से दक्षिण की ओर गोगुन्दा के पठार से प्रवाहित होती हुई नाथद्वारा, राजसमंद- रेलमगरा पार कर चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक जिले में से होती हुई सवाईमाधोपुर में चम्बल से मिल जाती है।
*सहायक नदियाँ-* बेड़च, कोठारी, खारी, मैनाल, बाण्डी, धुंध, मोरेल।
*3. काली सिंध नदी -* (एम.पी.) में देवास के निकट से निकलकर झालावाड़ के रायपुर के निकट (राजस्थान) में प्रवेश व बारां जिलों में बहती हुई नानेरा कोटा के निकट चम्बल में मिल जाती है।
सहायक नदियाँ- परवन, उजाड़, निवाज व आहू।
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