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लोहे की कील पानी में डूब जाती है, तो लोहे का जहाज कैसे तैरता है? Rajasthan exam Sathi

लोहे की कील पानी में डूब जाती है, तो लोहे का जहाज कैसे तैरता है? 🚢 पहली नज़र में यह बात अजीब लगती है—लोहे की छोटी-सी कील पानी में डालते ही डूब जाती है, लेकिन हजारों टन वजनी लोहे का विशाल जहाज समुद्र पर तैरता रहता है। आखिर ऐसा क्यों? इसका जवाब मुख्य रूप से घनत्व (Density) और उत्प्लावन बल (Buoyant Force) में छिपा है। 🔩 लोहे की कील क्यों डूब जाती है? लोहे का घनत्व पानी से काफी ज्यादा होता है। कील ठोस और आकार में छोटी होती है, इसलिए पानी में डुबाने पर वह अपने वजन की तुलना में बहुत कम पानी विस्थापित करती है। इस कारण पानी द्वारा कील पर लगाया गया ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उसके वजन से कम रहता है और कील नीचे डूब जाती है। 🚢 फिर लोहे का जहाज कैसे तैरता है? जहाज भले ही लोहे/स्टील से बना हो, लेकिन वह लोहे का कोई ठोस टुकड़ा नहीं होता। उसका ढांचा बहुत बड़ा और अंदर से काफी हद तक खोखला तथा हवा से भरा होता है। इससे जहाज का कुल आयतन बहुत बढ़ जाता है और उसके पूरे ढांचे—स्टील + अंदर की हवा—का औसत घनत्व पानी की तुलना में पर्याप्त कम हो सकता है। जब जहाज पानी में उतरता है, तो उसका बड़ा आकार बहुत अधि...