राजस्थान में जनजातियाँ प्रमोद बिश्नोई - RAJASTHAN ONLINE GK 1. भील जनजाति भील राजस्थान की सबसे प्राचीन जनजाति है। दक्षिणी राजस्थान के बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़ जिले की प्रतापगढ़ तहसील में इनका बाहुल्य है। भीलों के घर "टापरा" या "कू" कहलाते हैं। सामान्यतः भीलों में बाल-विवाह प्रचलित नहीं है। विधवा विवाह प्रचलन में है लेकिन छोटे भाई की विधवा को बड़ा भाई अपनी पत्नी नहीं बना सकता। वेशभूषा: भील पुरुष सिर पर लाल, पीला अथवा केसरिया फेंटा (साफा), बदन पर अंगरखी, कमीज या कुर्ता तथा घुटनों तक ढेपाड़ा (धोती) बाँधते हैं। भील महिला लूगड़ा, काँचली, कब्जा, घाघरा अथवा पेटीकोट पहनती है। 2. मीणा जनजाति मीणा जनजाति राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति है। इस जनजाति का गण चिन्ह "मीन" (मछली) था। जनजातियों में यह जाति सर्वाधिक सम्पन्न एवं शिक्षित है। मीणा जनजाति के लोग मुख्यतः उदयपुर, जयपुर, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर, अलवर, सीकर व चित्तौड़गढ़ जिलों में निवास करते हैं। मीणा लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि एवं पशुपालन है। मीणा जनजाति मुख्यतः शक्ति की उ...
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