दांडी यात्रा (Dandi March) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे महत्वपूर्ण आंदोलन था। 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से 240 मील की ऐतिहासिक यात्रा शुरू की थी। और सबसे नीचे ये Add कर दो: निष्कर्ष: दांडी यात्रा सिर्फ नमक बनाने की यात्रा नहीं थी, यह भारतीयों के स्वाभिमान की यात्रा थी। गांधी जी के इस कदम ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि अहिंसा में कितनी बड़ी ताकत होती है। 12 मार्च 1930 की ठंडी सुबह, अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में एक अजीब सा सन्नाटा और असीम ऊर्जा घुली हुई थी। पक्षियों की चहचहाहट के बीच हजारों आँखें आश्रम के मुख्य द्वार पर टिकी थीं। 61 वर्ष का एक दुबला-पतला वृद्ध, सफेद धोती पहने और हाथ में बाँस की मजबूत लाठी थामे आगे बढ़ा। वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि महात्मा गांधी थे। उस सुबह भारत के इतिहास का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिखा जा रहा था, जिसने ब्रिटेन के विशाल साम्राज्य की बुनियाद हिलाकर रख दी। यह शुरुआत थी ऐतिहासिक दांडी यात्रा (नमक सत्याग्रह) की। यह यात्रा कब और क्यों शुरू की गई? बात वर्ष 1930 की है। भारत पर ब्रिटिश हुकूमत का शिकंजा कसता जा रहा थ...
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