भारत को 'भारत' नाम मिलने का इतिहास बहुत प्राचीन और पौराणिक है। यह नाम किसी एक दिन या तारीख को नहीं पड़ा, बल्कि हज़ारों साल पुरानी संस्कृति, ग्रंथों और राजाओं से जुड़ा हुआ है। 1. राजा भरत के नाम पर (मुख्य पौराणिक मान्यता) चक्रवर्ती राजा भरत: पौराणिक कथाओं के अनुसार, हस्तिनापुर के राजा दुष्यंत और रानी शकुंतला के पुत्र 'भरत' बहुत प्रतापी और न्यायप्रिय राजा थे। उनके नाम पर ही इस देश का नाम 'भारतवर्ष' या 'भारत' पड़ा। ऋग्वैदिक 'भरत' जन (कबीला): प्राचीन ऋग्वेद में भी 'भरत' नामक एक महान कबीले (जन) का उल्लेख मिलता है, जिसने 'दशराज्ञ युद्ध' (दस राजाओं का युद्ध) जीता था। इस शक्तिशाली वंश के नाम पर इस क्षेत्र को भारत कहा जाने लगा। 2. जैन परंपरा के अनुसार जैन धर्म के ग्रंथों के अनुसार, प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के ज्येष्ठ पुत्र का नाम 'भरत' था। वे एक चक्रवर्ती सम्राट थे और उनके नाम पर इस भूमि को विष्णु पुराण में भारतवर्ष की सीमा का वर्णन करते हुए एक प्रसिद्ध श्लोक है: > उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्। > वर्षं ...
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